Durga Puja Calendar | 2020 Durga Puja Date and Time

Durga Puja Calendar 2020




प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।तृतीयं चन्द्रघंटेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।।

पंचमं स्क्न्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च ।सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।।

नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः ।।


दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है। अतः दुर्गा पूजा का पर्व बुराई पर भलाई की विजय के रूप में भी माना जाता है।

दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार, झारखण्ड, मणिपुर, ओडिशा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से मनाया जाता है जहाँ इस समय पांच-दिन की वार्षिक छुट्टी रहती है। 

बंगाली हिन्दू और आसामी हिन्दुओं का बाहुल्य वाले क्षेत्रों पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा में यह वर्ष का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह न केवल सबसे बड़ा हिन्दू उत्सव है बल्कि यह बंगाली हिन्दू समाज में सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से सबसे महत्त्वपूर्ण उत्सव भी है।

 पश्चिमी भारत के अतिरिक्त दुर्गा पूजा का उत्सव दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कश्मीर, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी मनाया जाता है।

 दुर्गा पूजा का उत्सव 91% हिन्दू आबादी वाले नेपाल और 8% हिन्दू आबादी वाले बांग्लादेश में भी बड़े त्यौंहार के रूप में मनाया जाता है।



Durga Puja calendar 2020 Date

Mahalaya Amavasya 2020 - 9 October 2020 (Tuesday)


Kalash Sthapana 2020 - 10 October 2020 (Wednesday)

Maha Panchami 2020 - 14 October 2020 (Sunday)

Maha Sashti 2020 - 15 October 2020 (Monday)

Maha Saptami 2020 - 16 October 2020 (Tuesday)

Maha Ashtami 2020– 17 October 2020 (Wednesday)

Maha Navami 2020 - 18 October 2020 (Thursday)

Bijaya Dashami 2020 - 19 October 2020 (Friday)


ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी। 
दुर्गा, शिवा, क्षमा, धात्री, स्वाहा, स्वधा नमोऽस्तु ते॥ 


ॐ महिषघ्नी महामाये चामुण्डे मुण्डमालिनी। 
आयुरारोग्यविजयं देहि देवि! नमोऽस्तु ते॥ 


ॐ सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। 
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥




स्वर्णाआज्ञा चक्र स्थितां षष्टम दुर्गा त्रिनेत्राम्। 
वराभीत करां षगपदधरां कात्यायनसुतां भजामि॥


करालवंदना धोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम्।
 कालरात्रिं करालिंका दिव्यां विद्युतमाला विभूषिताम॥






Post a comment

0 Comments